यक्ष-प्रश्न;-- कैंडीडेट युधिष्ठिर ,राजन | प्रश्न यक्ष का जारी
कौन हवा से तेज ,कौन है यहाँ भूमि से भारी ||
किसे मारता तब लीडर ,बनता धन का अधिकारी |
हर चुनाव में ,अंत समय ,क्या होता विस्मयकारी ||
युधिष्ठिर का उत्तर ,--झूठ हवा से तेज ,वोट का मूल्य भूमि से भारी |
आत्मा मारा तब लीडर ,बनता धन का अधिकारी ||
बारम्बार भ्रष्ट को चुनना ,सचमुच विस्मयकारी |
उत्तर सुनकर 'यक्ष ' गिर पड़ा, मूर्छा अब तक जारी ||
--अनुराग पाण्डेय

